मंदिर में पूजा के नियम क्या हैं?
की चेकलिस्ट
मंदिर नियम: स्नान → स्वच्छ वस्त्र → जूते बाहर। शांत आचरण, मोबाइल बंद। बाएँ हाथ से अर्पण नहीं। टूटी/मुरझाई वस्तु नहीं। देवता-निषेध ध्यान में रखें। सूतक/पातक में न जाएँ (धर्मसिंधु)। मनुस्मृति: 'शुचिः पर्युपासीत' — पवित्रता सर्वोच्च नियम।
- 1स्नान किए बिना मंदिर न जाएँ (या कम-से-कम हाथ-मुँह धोएँ)
- 2स्वच्छ वस्त्र अनिवार्य
- 3जूते-चप्पल मंदिर-परिसर के बाहर उतारें
- 4मासिक-धर्म काल में मंदिर-प्रवेश से बचें (परंपरागत नियम)
- 5मंदिर में शांत और विनम्र आचरण
- 6जोर से बातें न करें
- 7मोबाइल फोन साइलेंट या बंद रखें
- 8दौड़ें नहीं, धीरे चलें
- 9मंदिर-परिसर में खाना न खाएँ
- 10देवता को अर्पण-सामग्री स्वयं के अनुसार चुनें (देवता-निषेध ध्यान में रखें)
- 11बिल्कुल बाएँ हाथ से कभी अर्पण न करें
- 12टूटी/मुरझाई वस्तु न चढ़ाएँ
- 13पूजा में मन को केंद्रित रखें
- 14मूर्ति के सामने कुछ देर ध्यान से देखें — दर्शन का अर्थ 'देखना' है
- 15गर्भगृह में अधिक समय न रोकें यदि अन्य भक्त प्रतीक्षा में हों
- 16परिक्रमा देवता-अनुसार करें
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