मंदिर में रात को सोना चाहिए या नहीं?
की चेकलिस्ट
गर्भगृह/पूजा स्थल: सोना पूर्णतः वर्जित (देवता अपमान)। धर्मशाला/यात्री निवास: उचित और शास्त्रसम्मत। प्रांगण: कुछ मंदिरों में अनुमति — प्रबंधन से पूछें। नियम: पैर गर्भगृह की ओर न करें। घर: बेडरूम में मंदिर हो तो रात पर्दा डालें।
- 1गर्भगृह = देवता का गृह — जैसे किसी के ड्राइंग रूम में बिना अनुमति सोना अशिष्ट, वैसे ही
- 2रात्रि में गर्भगृह बंद — शयन आरती के बाद 'देवता सो रहे हैं'
- 3शुचिता — सोते समय शरीर की स्थिति अनियंत्रित, अशुद्धि सम्भव
- 4पैर देवता की ओर हो सकते हैं = अपमान
- 5पैर देवता/गर्भगृह की ओर न करें
- 6शुद्ध वस्त्र पहनें
- 7शांत और अनुशासित रहें
- 8गर्भगृह से दूर रहें
- 9मंदिर प्रबंधन की अनुमति अनिवार्य
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
मंदिर शिष्टाचार
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।