मंदिर में सहस्रनाम अर्चना कैसे करवाएं?
की चेकलिस्ट
सहस्रनाम अर्चना: 1000 नाम + 1000 पुष्प/अक्षत अर्पित। मुख्य: विष्णु (महाभारत), ललिता (ब्रह्माण्ड पुराण), शिव (शिवपुराण)। विधि: संकल्प → गणपति पूजन → 'ॐ [नाम] नमः' + पुष्प × 1000 → आरती। समय: 1.5-3 घंटे। घर पर भी सम्भव (पुस्तक + अक्षत)।
- 1विष्णु सहस्रनाम — महाभारत (अनुशासन पर्व), भीष्म ने युधिष्ठिर को बताया
- 2ललिता सहस्रनाम — ब्रह्माण्ड पुराण, देवी त्रिपुरसुन्दरी के 1000 नाम
- 3शिव सहस्रनाम — शिवपुराण, भगवान शिव के 1000 नाम
- 4लक्ष्मी सहस्रनाम, गणेश सहस्रनाम आदि
- 5मंदिर प्रशासन/पुजारी से बात करें
- 6सहस्रनाम अर्चना का शुल्क/दक्षिणा जानें
- 7शुभ दिन/मुहूर्त निश्चित करें (एकादशी, पूर्णिमा, नवरात्रि विशेष)
- 81000 पुष्प (कमल, गुलाब, चमेली) या अक्षत (चावल) की व्यवस्था
- 91000+ पुष्प या अक्षत
- 10कुंकुम, हल्दी, चंदन
- 11अगरबत्ती, दीपक, कर्पूर
- 12नैवेद्य (भोग — मिठाई, फल)
- 13दक्षिणा
- 14संकल्प — भक्त का नाम, गोत्र, नक्षत्र, कामना बताकर संकल्प
- 15गणपति पूजन (प्रारम्भ)
- 16सहस्रनाम पाठ — पुजारी (या भक्त स्वयं) प्रत्येक नाम बोलकर पुष्प अर्पित
- 17विधि: 'ॐ [नाम] नमः' + पुष्प → 1000 बार
- 18पूर्णाहुति — अंत में कर्पूर आरती
- 19प्रसाद वितरण
- 20घर पर सहस्रनाम पुस्तक से स्वयं पाठ कर सकते हैं
- 21प्रत्येक नाम पर पुष्प/अक्षत देवता को अर्पित
- 22यदि 1000 पुष्प न हों — अक्षत (चावल) से भी कर सकते हैं
- 23विष्णु सहस्रनाम: सर्वपाप नाश, मोक्ष, सर्वमनोकामना पूर्ति
- 24ललिता सहस्रनाम: शक्ति प्राप्ति, सौभाग्य, विद्या
- 25शिव सहस्रनाम: रोग नाश, दीर्घायु, शिव कृपा
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