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चेकलिस्ट

मंत्र जप के दौरान अगर छींक आ जाए तो क्या करें?

की चेकलिस्ट

छींक: रुकें → छींकें → 'ॐ' बोलें → जप जारी। 10 अतिरिक्त जप (प्रायश्चित)। आचमन (सम्भव हो तो)। कोई दोष/पाप नहीं — शारीरिक क्रिया। फोन = साइलेंट, कोई बोले = मौन, शौच = जाएँ-आएँ। निरंतरता + भावना = सर्वोपरि।

  1. 1रुकें, छींकें, पुनः आरम्भ: छींक आए तो माला रोकें, छींकें, फिर 'ॐ' बोलकर जप पुनः आरम्भ करें। गिनती वहीं से जारी रखें।
  2. 2प्रायश्चित जप: कुछ परम्पराओं में छींक/खाँसी के बाद 10 अतिरिक्त जप करने का विधान है — 'व्यवधान प्रायश्चित।'
  3. 3आचमन: यदि सम्भव हो तो छींकने के बाद आचमन (तीन बार जल) करें और पुनः जप आरम्भ।
  4. 4चिंता न करें: छींक/खाँसी = शारीरिक प्रतिक्रिया। इसमें पाप/दोष कुछ नहीं। भगवान शरीर की सीमा समझते हैं।
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