मंत्र जप के दौरान मन भटकता है तो क्या करें?
की चेकलिस्ट
मन भटके तो: माला का मनका रोकें — ध्यान वापस आने पर आगे बढ़ाएं। मंत्र का अर्थ मन में रखें। मानस से उपांशु (होंठ हिलाना) पर आएं। गीता 6.26: 'जहाँ मन जाए — खींचकर वापस लाओ — यही अभ्यास है।' 100 एकाग्र जप > 1000 बिखरे।
- 1मनका रोकें: जब ध्यान भटके — माला का मनका रोक दें। माला तभी आगे बढ़ाएं जब पूरा ध्यान हो।
- 2मंत्र का अर्थ: मंत्र के अर्थ को मन में रखें — अर्थ जानने से मन भटकता कम है।
- 3ऊँचा जप: मानस से उपांशु पर आ जाएं — होंठ हिलाने से ध्यान वापस आता है।
- 4श्वास: गहरी साँस लें, मन को वर्तमान में लाएं।
- 5अभ्यास: प्रतिदिन जप — धीरे-धीरे मन अभ्यस्त होगा
- 6कम करें, गहरा करें: 100 एकाग्र जप > 1000 बिखरे जप
- 7भूखे न रहें, अधिक न खाएं: पेट भारी हो तो मन सुस्त
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श्रेणी
जप व्यावहारिक
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