मंत्र जप में रेशमी आसन का प्रयोग कब करें?
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देवी साधना (लक्ष्मी/दुर्गा/ललिता), विशेष अनुष्ठान, श्री विद्या। ऊर्जा कुचालक, सात्विक। लाल/गुलाबी। क्रम: कुश>मृगछाला>ऊनी>रेशमी>कपास। अहिंसा प्रश्न → विकल्प: ऊनी।
- 1ऊर्जा कुचालक: ऊन जैसा = भूमि से insulate।
- 2सात्विक: रेशम = शुद्ध, सात्विक।
- 3सौंदर्य: देवी = सौंदर्य प्रिय — रेशम = श्रृंगार।
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