ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
चेकलिस्ट

मंत्र जप से आत्मा की शुद्धि कैसे होती है?

की चेकलिस्ट

संस्कार दहन (कर्म वासना)। विचार शुद्ध → कर्म शुद्ध। माया पर्दा हटाना (वेदांत: आत्मा स्वयं शुद्ध)। नाम = नामी = ईश्वर संपर्क। इंद्रियां अंतर्मुखी।

  1. 1संस्कार दहन: जप अग्नि = पूर्व जन्मों के कर्म संस्कार (वासना) जलते हैं — 'नामाग्निः सर्वपापानां दहतीति' — नाम अग्नि सर्व पाप दहन।
  2. 2चित्त शुद्धि: विचार → शब्द → कर्म। मंत्र जप = विचार शुद्ध → कर्म शुद्ध → आत्मा प्रकाशित।
  3. 3माया पर्दा: आत्मा = स्वयं शुद्ध (वेदांत)। माया/अज्ञान = पर्दा। जप = पर्दा हटाना → आत्मा स्वयं प्रकाशित।
  4. 4ईश्वर नाम = ईश्वर: 'नाम' और 'नामी' में भेद नहीं — मंत्र जप = ईश्वर संपर्क → आत्मा शुद्ध।
  5. 5प्रत्याहार: जप = इंद्रियां अंतर्मुखी → बाहरी विकार से मुक्ति।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
मंत्र जप दर्शन

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।