मंत्र जप से आत्मिक शक्ति कैसे बढ़ती है?
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आत्मिक शक्ति कैसे बढ़ती है: गीता 17.16 — जप वाचिक तप है। तप से शक्ति अर्जन। संकल्प शक्ति बढ़ती है, ओज बढ़ता है (ब्रह्मचर्य + जप), चित्त शुद्ध होता है, भय नष्ट होता है। नित्य साधक के चेहरे पर 'तेज' प्रकट होता है।
- 1कायिक तप — शरीर का तप (उपवास, ब्रह्मचर्य)
- 2वाचिक तप — वाणी का तप (मंत्र जप, सत्य वचन)
- 3मानस तप — मन का तप (मौन, ध्यान)
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श्रेणी
आत्मिक शक्ति
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