मंत्र जप से मोक्ष प्राप्ति का मार्ग कैसे खुलता है?
की चेकलिस्ट
कर्म बंधन मुक्ति (निष्काम), चित्त शुद्धि → ज्ञान ('अहं ब्रह्मास्मि'), भक्ति → शरणागति, कुंडलिनी → समाधि, नाद → ब्रह्म। शिव पुराण: 'ॐ नमः शिवाय' = सायुज्य मोक्ष।
- 1कर्म बंधन मुक्ति: जप = निष्काम कर्म। फल की इच्छा बिना जप = कर्म बंधन नहीं → मोक्ष।
- 2चित्त शुद्धि → ज्ञान: शुद्ध चित्त = 'अहं ब्रह्मास्मि' (मैं ब्रह्म हूं) ज्ञान सहज → मोक्ष।
- 3भक्ति → शरणागति: नियमित जप = भक्ति गहन → पूर्ण शरणागति → ईश्वर कृपा = मोक्ष।
- 4कुंडलिनी: जप → कुंडलिनी → सहस्रार → शिव-शक्ति मिलन = समाधि = मोक्ष।
- 5नाद योग: मंत्र ध्वनि → अनाहत नाद → ब्रह्म नाद → ब्रह्म साक्षात्कार।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
मंत्र जप दर्शन
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।