ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
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मंत्र जप दर्शन📜 वेदांत, भक्ति दर्शन, योग शास्त्र1 मिनट पठन

मंत्र जप से मोक्ष प्राप्ति का मार्ग कैसे खुलता है?

संक्षिप्त उत्तर

कर्म बंधन मुक्ति (निष्काम), चित्त शुद्धि → ज्ञान ('अहं ब्रह्मास्मि'), भक्ति → शरणागति, कुंडलिनी → समाधि, नाद → ब्रह्म। शिव पुराण: 'ॐ नमः शिवाय' = सायुज्य मोक्ष।

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विस्तृत उत्तर

जप → मोक्ष:

  1. 1कर्म बंधन मुक्ति: जप = निष्काम कर्म। फल की इच्छा बिना जप = कर्म बंधन नहीं → मोक्ष।
  2. 2चित्त शुद्धि → ज्ञान: शुद्ध चित्त = 'अहं ब्रह्मास्मि' (मैं ब्रह्म हूं) ज्ञान सहज → मोक्ष।
  3. 3भक्ति → शरणागति: नियमित जप = भक्ति गहन → पूर्ण शरणागति → ईश्वर कृपा = मोक्ष।
  4. 4कुंडलिनी: जप → कुंडलिनी → सहस्रार → शिव-शक्ति मिलन = समाधि = मोक्ष।
  5. 5नाद योग: मंत्र ध्वनि → अनाहत नाद → ब्रह्म नाद → ब्रह्म साक्षात्कार।

शिव पुराण: 'ॐ नमः शिवाय' के निरंतर जप से शिव सायुज्य = मोक्ष। गीता: 'मन्मना भव मद्भक्तो' — मुझमें मन लगाओ = मोक्ष।

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शास्त्रीय स्रोत
वेदांत, भक्ति दर्शन, योग शास्त्र
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