मंत्र सिद्धि कैसे प्राप्त होती है?
की चेकलिस्ट
मंत्र सिद्धि: पुरश्चरण (अक्षर × 1 लाख जप), फिर हवन-तर्पण-मार्जन-ब्राह्मण भोजन। काल में: एकभुक्त, ब्रह्मचर्य, सत्य वाणी। सिद्धि के लक्षण: स्वतः एकाग्रता, इष्ट देव दर्शन, मंत्र में लीनता। सरल: निरंतर नाम स्मरण — यही सर्वोच्च सिद्धि।
- 1जप — मंत्र जप
- 2हवन — जप संख्या का 1/10 हवन
- 3तर्पण — हवन का 1/10
- 4मार्जन — तर्पण का 1/10
- 5ब्राह्मण भोजन — मार्जन का 1/10
- 6एक बार भोजन (एकभुक्त)
- 7ब्रह्मचर्य
- 8भूमि शयन
- 9सत्य वाणी
- 10मौन जितना संभव
- 11जप में स्वतः एकाग्रता
- 12इष्ट देव का स्वप्न में दर्शन
- 13जप की गिनती भूल जाना (देव में लीन)
- 14मंत्र की विलक्षण अनुभूति
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श्रेणी
मंत्र सिद्धि
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