मंत्र सिद्धि के लिए कितने जप करने पड़ते हैं?
की चेकलिस्ट
पुरश्चरण = अक्षर-संख्या × 1 लाख जप। उदाहरण: 'ॐ नमः शिवाय' (6 अक्षर) = 6 लाख जप। साथ में: हवन (10वाँ), तर्पण, मार्जन, ब्राह्मण भोजन। खंड-पुरश्चरण (40-90 दिन में विभाजित) भी स्वीकार्य। रुद्रयामल: केवल संख्या से नहीं — भाव से सिद्धि।
- 1पुरश्चरण में मंत्र के प्रत्येक अक्षर के लिए एक लाख जप करना पड़ता है।
- 2हवन: जप का 10वाँ भाग (10 हवन प्रति 100 जप)
- 3तर्पण: हवन का 10वाँ भाग
- 4मार्जन: तर्पण का 10वाँ भाग
- 5ब्राह्मण भोजन: मार्जन का 10वाँ भाग
- 640 दिन, 90 दिन, 6 माह — इस प्रकार विभाजित करके।
- 7गुरु के मार्गदर्शन में खंड-पुरश्चरण स्वीकार्य है।
- 8केवल संख्या पूरी करने से सिद्धि नहीं — भाव की शुद्धता और गुरु-कृपा के साथ संख्या हो तो सिद्धि।
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मंत्र सिद्धि
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