मृत शरीर पर गंगाजल क्यों छिड़कते हैं?
की चेकलिस्ट
शुद्धि (पापनाशिनी), मोक्ष सहायक (विष्णु चरणोदक), प्रेत योनि रक्षा, वातावरण शुद्धि। शरीर स्नान + चंदन/घी/तिल लेप + गंगाजल + मुख में तुलसी। गंगाजल न हो = शुद्ध जल+तुलसी।
- 1शुद्धि: गंगाजल = पापनाशिनी। शरीर और आत्मा दोनों की शुद्धि।
- 2मोक्ष सहायक: गंगा = विष्णु चरणोदक। गंगाजल स्पर्श = विष्णु कृपा = मोक्ष मार्ग।
- 3प्रेत योनि से रक्षा: गंगाजल = पवित्रतम — इसके स्पर्श से आत्मा प्रेत नहीं बनती।
- 4वातावरण शुद्धि: वैज्ञानिक — गंगाजल में एंटीबैक्टीरियल गुण, शव के पास वातावरण शुद्ध।
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