मृत्यु के बाद 13 दिन तक आत्मा कहाँ रहती है
की चेकलिस्ट
गरुड़ पुराण अनुसार 13 दिन तक आत्मा प्रेत शरीर में घर के आसपास रहती है। 10 दिन पिंडदान से प्रेत शरीर बनता है, 12वें दिन सपिंडीकरण से पितरों में विलय, 13वें दिन शुद्धि के बाद आत्मा यमलोक की ओर प्रस्थान करती है।
- 1प्रेत शरीर — मृत्यु के बाद स्थूल शरीर छूट जाता है, परंतु आत्मा को तुरंत नया शरीर नहीं मिलता। वह एक सूक्ष्म 'प्रेत शरीर' (अंगूठे के आकार का — 'अंगुष्ठमात्रः पुरुषः') में रहती है।
- 210 दिन — पिंड दान — गरुड़ पुराण के अनुसार प्रत्येक दिन दिए जाने वाले पिंडदान से प्रेत शरीर के विभिन्न अंग बनते हैं:
- 311वां दिन (एकादशाह) — प्रेत शरीर पूर्ण होता है। विशेष श्राद्ध किया जाता है।
- 412वां दिन (सपिंडीकरण) — इस दिन प्रेत का पितरों (पूर्वजों) में विलय किया जाता है। प्रेत अब 'पितृ' बन जाता है।
- 513वां दिन (तेरहवीं/शुद्धि) — परिवार का शोक काल (सूतक) समाप्त। ब्राह्मण भोज और दान किया जाता है। आत्मा अपनी कर्मगति के अनुसार आगे बढ़ती है।
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