ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
आत्मा और मोक्ष📜 गरुड़ पुराण — प्रेतकल्प, धर्मसिंधु, अंत्येष्टि संस्कार पद्धति2 मिनट पठन

मृत्यु के बाद 13 दिन तक आत्मा कहाँ रहती है

संक्षिप्त उत्तर

गरुड़ पुराण अनुसार 13 दिन तक आत्मा प्रेत शरीर में घर के आसपास रहती है। 10 दिन पिंडदान से प्रेत शरीर बनता है, 12वें दिन सपिंडीकरण से पितरों में विलय, 13वें दिन शुद्धि के बाद आत्मा यमलोक की ओर प्रस्थान करती है।

📖

विस्तृत उत्तर

मृत्यु के बाद 13 दिन की अवधि हिंदू अंत्येष्टि संस्कार में अत्यंत महत्वपूर्ण है। गरुड़ पुराण के प्रेतकल्प में इसका विस्तृत वर्णन मिलता है।

गरुड़ पुराण के अनुसार

  1. 1प्रेत शरीर — मृत्यु के बाद स्थूल शरीर छूट जाता है, परंतु आत्मा को तुरंत नया शरीर नहीं मिलता। वह एक सूक्ष्म 'प्रेत शरीर' (अंगूठे के आकार का — 'अंगुष्ठमात्रः पुरुषः') में रहती है।
  1. 110 दिन — पिंड दान — गरुड़ पुराण के अनुसार प्रत्येक दिन दिए जाने वाले पिंडदान से प्रेत शरीर के विभिन्न अंग बनते हैं:
  • प्रथम दिन — सिर
  • द्वितीय — कान, आंख, नाक
  • तृतीय — गला, कंधे, हाथ
  • चतुर्थ — वक्षस्थल
  • पंचम — उदर
  • षष्ठम — कमर, पीठ
  • सप्तम — जंघा
  • अष्टम — घुटने, पैर
  • नवम — त्वचा, रोम
  • दशम — तृप्ति (भूख-प्यास शांत)
  1. 111वां दिन (एकादशाह) — प्रेत शरीर पूर्ण होता है। विशेष श्राद्ध किया जाता है।
  1. 112वां दिन (सपिंडीकरण) — इस दिन प्रेत का पितरों (पूर्वजों) में विलय किया जाता है। प्रेत अब 'पितृ' बन जाता है।
  1. 113वां दिन (तेरहवीं/शुद्धि) — परिवार का शोक काल (सूतक) समाप्त। ब्राह्मण भोज और दान किया जाता है। आत्मा अपनी कर्मगति के अनुसार आगे बढ़ती है।

मान्यता — 13 दिन तक आत्मा

  • इन 13 दिनों में आत्मा अपने परिवार और घर के आसपास ही रहती है — ऐसी मान्यता है।
  • इसीलिए इन दिनों घर में दीपक जलाया जाता है, जल और भोजन रखा जाता है।
  • 13 दिन बाद आत्मा यमलोक की यात्रा पर जाती है।

ध्यान दें: यह वर्णन गरुड़ पुराण के प्रेतकल्प पर आधारित है। विभिन्न संप्रदायों और दार्शनिक परंपराओं में मतभेद है। अद्वैत वेदांत में आत्मा शाश्वत और अजन्मा है — प्रेत शरीर की अवधारणा मुख्यतः लोकाचार और पौराणिक वर्णन का हिस्सा है।

📜
शास्त्रीय स्रोत
गरुड़ पुराण — प्रेतकल्प, धर्मसिंधु, अंत्येष्टि संस्कार पद्धति
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

13 दिनआत्मातेरहवींप्रेत शरीर

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

मृत्यु के बाद 13 दिन तक आत्मा कहाँ रहती है — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको आत्मा और मोक्ष से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर गरुड़ पुराण — प्रेतकल्प, धर्मसिंधु, अंत्येष्टि संस्कार पद्धति पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।