नागबलि पूजा कैसे करवाएं
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नागबलि = सर्प दोष/कालसर्प दोष/पितृ दोष निवारण। सर्वोत्तम स्थान: त्र्यम्बकेश्वर (नासिक)। श्रावण/अमावस्या शुभ। विधि: संकल्प → गणपति पूजन → नाग प्रतिमा पूजन → सर्प सूक्त हवन → पिण्डदान → विसर्जन। शास्त्रज्ञ अधिकृत पुरोहित से ही करवाएँ।
- 1संकल्प — यजमान अपना नाम, गोत्र, और उद्देश्य बताकर संकल्प करे।
- 2गणपति पूजन।
- 3कलश स्थापना और नवग्रह पूजन।
- 4नाग प्रतिमा (सोने/चाँदी की) की स्थापना और पूजन।
- 5विशिष्ट मंत्रों से नाग देवता का आह्वान।
- 6हवन — सर्प सूक्त और अन्य विशिष्ट मंत्रों से।
- 7पिण्डदान — सर्प योनि में गए पूर्वजों की मुक्ति हेतु।
- 8बलि — प्रतीकात्मक (आटे की मूर्ति)।
- 9नाग प्रतिमा का विसर्जन।
- 10ब्राह्मण भोजन और दक्षिणा।
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