नाना-नानी की मृत्यु तिथि याद न हो तो श्राद्ध कब करें?
की चेकलिस्ट
नाना-नानी की मृत्यु तिथि याद न हो या किसी अन्य तिथि पर हुई हो — फिर भी श्राद्ध पितृ पक्ष की 'प्रतिपदा तिथि' को ही करें। यह प्रतिपदा का विशेष विशेषाधिकार है जो केवल मातृकुल को दिया गया है।
- 1नाना-नानी की वास्तविक मृत्यु तिथि याद नहीं।
- 2समाधान = प्रतिपदा को श्राद्ध।
- 3मृत्यु प्रतिपदा के अतिरिक्त किसी अन्य तिथि पर हुई हो।
- 4समाधान = फिर भी प्रतिपदा को ही श्राद्ध।
- 5यह सुविधा केवल नाना-नानी (मातामह-मातामही) के लिए है।
- 6अन्य पितरों के लिए मृत्यु तिथि के अनुसार ही श्राद्ध करना होता है।
- 7यह नियम मृत्यु तिथि से पूर्णतः स्वतंत्र है।
- 8कोई भी हो — श्राद्ध प्रतिपदा को।
- 9यह पार्वण श्राद्ध की कोटि में आता है।
- 10अर्थात् पितृ पक्ष में किया जाने वाला विशेष श्राद्ध।
- 11सनातन धर्म की पूर्णता यह सिद्ध करना चाहती है कि कोई भी पूर्वज श्राद्ध से वंचित न रहे।
- 12मातृकुल के प्रति विशेष कृतज्ञता का प्रदर्शन।
- 13दौहित्र को सरल, स्पष्ट तिथि का निर्देश।
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