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चेकलिस्ट

नरक चतुर्दशी पर सुबह तेल स्नान क्यों करते हैं?

की चेकलिस्ट

नरक चतुर्दशी तेल स्नान: कृष्ण ने नरकासुर वध के बाद प्रातः अभ्यंग स्नान किया — उसी स्मृति में। विधि: ब्रह्म मुहूर्त → तिल/सरसों तेल मालिश → हल्दी-बेसन उबटन → गर्म जल स्नान। फल: नरक यातना मुक्ति, पाप शुद्धि।

  1. 1समय: ब्रह्म मुहूर्त (सूर्योदय से पहले) — चतुर्दशी तिथि में।
  2. 2तेल मालिश: सरसों या तिल के तेल से सम्पूर्ण शरीर की मालिश।
  3. 3उबटन: हल्दी, बेसन, चन्दन का उबटन लगाएँ।
  4. 4स्नान: गर्म जल से स्नान। जल में गंगाजल और तिल मिलाना शुभ।
  5. 5मंत्र: स्नान करते समय — 'यमलोकमार्गणः प्रीत्यर्थं अभ्यंगस्नानमहं करिष्ये।'
  6. 6दीपक: स्नान के बाद अपामार्ग (चिरचिटा/लटजीरा) की डंडी से दीपक जलाएँ।
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