नटराज रूप में शिव की पूजा कब और कैसे करनी चाहिए?
की चेकलिस्ट
प्रदोष काल सर्वोत्तम (शिव तांडव का समय)। चिदंबरम = नटराज का मुख्य केंद्र (पंचभूत आकाश तत्त्व)। 'ॐ नटराजाय नमः' 108 बार + शिव तांडव स्तोत्र। नटराज = अज्ञान पर विजय, सृष्टि-संहार चक्र। कलाकारों/नर्तकों के लिए विशेष।
- 1नटराज प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
- 2स्नानादि कर शुद्ध वस्त्र पहनें।
- 3दीपक और धूप जलाएं।
- 4गंगाजल/पंचामृत से अभिषेक करें।
- 5चंदन तिलक, बेलपत्र, श्वेत पुष्प अर्पित करें।
- 6'ॐ नटराजाय नमः' मंत्र 108 बार जपें।
- 7शिव तांडव स्तोत्र (रावण रचित) का पाठ करें — प्रातःकाल या प्रदोष काल में।
- 8कर्पूर से आरती करें।
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