नवरात्रि में घटस्थापना की विधि और शुभ मुहूर्त क्या है?
की चेकलिस्ट
प्रतिपदा प्रातः। वेदी+जौ/गेहूं बोएं → कलश (जल+आम पत्ते+नारियल) → अखंड ज्योति → देवी प्रतिमा → षोडशोपचार। 9 दिन बाद जौ अंकुरण = सफलता संकेत। मुहूर्त: अभिजित/पंचांग अनुसार।
- 1पूजा स्थान शुद्ध करें — गोबर/गंगाजल से।
- 2मिट्टी की वेदी बनाएं — जौ/गेहूं बोएं।
- 3कलश (मिट्टी/तांबा) — जल भरें, आम के पत्ते, नारियल ऊपर।
- 4कलश पर रोली/मौली बांधें, स्वस्तिक बनाएं।
- 5कलश के पास अखंड ज्योति स्थापित।
- 6देवी प्रतिमा/चित्र स्थापित।
- 7षोडशोपचार पूजा — गंध, पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य।
- 8'ॐ जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा शिवा क्षमा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तुते॥'
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