नवरात्रि में कन्या भोज में क्या क्या बनाना चाहिए
की चेकलिस्ट
कन्या भोज: पूड़ी + हलवा + काले चने (सबसे पारम्परिक) + खीर। अन्य: दही-भल्ले, पनीर, मिठाई, फल। सात्विक — प्याज-लहसुन वर्जित। 9 कन्या (2-10 वर्ष) + 1 लांगुर। पैर धोएँ → तिलक → चुनरी/वस्त्र → भोजन → चरण स्पर्श → दक्षिणा।
- 1पूड़ी (सबसे प्रमुख)
- 2हलवा (सूजी/आटे का)
- 3काले चने की सब्जी (सबसे पारम्परिक)
- 4खीर (दूध-चावल)
- 5दही-भल्ले
- 6आलू की सब्जी
- 7पनीर की सब्जी
- 8राजमा/छोले
- 9मिठाई (गुलाबजामुन, रसगुल्ला, बर्फी, लड्डू)
- 10फल (केला, सेब, संतरा)
- 11मिश्री, बताशे
- 12सात्विक भोजन — प्याज, लहसुन, माँस वर्जित।
- 13शुद्ध मन और स्वच्छ रसोई में बनाएँ।
- 14कन्याओं को पहले भोजन कराएँ, स्वयं बाद में।
- 159 कन्याओं को बुलाएँ (2-10 वर्ष)।
- 16पैर धोएँ, तिलक लगाएँ।
- 17लाल चुनरी/वस्त्र, श्रृंगार सामग्री भेंट करें।
- 18भोजन कराएँ।
- 19चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लें।
- 20दक्षिणा/उपहार दें।
- 211 लांगुर (लड़का) भी बैठाने की परम्परा (भैरव स्वरूप)।
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देवी उपासना
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