पितृपक्ष में गरीबों को भोजन कराने का पुण्य
की चेकलिस्ट
गरीब भोजन = पितर तृप्ति + विष्णु सेवा + ब्राह्मण भोज समकक्ष (प्रश्न 583)। मृतक नाम से संकल्प करके खिलाएं। अनाथालय/वृद्धाश्रम = अत्यंत पुण्यदायक। पितृपक्ष में सर्वोच्च पुण्य कर्म।
- 1पितर तृप्ति — गरीब को भोजन = पितर को भोजन पहुंचना (ऐसी मान्यता)।
- 2विष्णु प्रसन्नता — 'नारायण = दीन-दुखियों में' — गरीब सेवा = विष्णु सेवा।
- 3ब्राह्मण भोज के समकक्ष — ब्राह्मण न मिले तो गरीब भोज = समान पुण्य (प्रश्न 583)।
- 4सामूहिक पुण्य — अनेक गरीबों को खिलाना = अनेक गुना पुण्य।
- 5सामाजिक कर्तव्य — धर्म + सेवा = सार्थक।
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श्रेणी
श्राद्ध एवं पितृ कर्म
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