पूजा घर में अखंड दीपक जलाना चाहिए या नहीं
की चेकलिस्ट
अखंड दीपक अत्यंत शुभ है (स्कंद पुराण)। शुद्ध घी, सूती बत्ती, सुरक्षित स्थान पर रखें। संकल्प अनुसार 9/21/40 दिन जलाएं। अग्नि सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। यदि संभव न हो तो नित्य सुबह-शाम दीपक जलाना भी पर्याप्त और शुभ है।
- 1स्कंद पुराण में अखंड दीप का विशेष महत्व बताया गया है — यह ज्ञान, भक्ति और दैवी कृपा का प्रतीक है।
- 2शिव पुराण में दीप दान और अखंड दीप को मोक्षदायक बताया गया है।
- 3मंदिरों में अखंड ज्योति सदियों से जलती है — नाथद्वारा, वैष्णो देवी, ज्वालामुखी आदि प्रसिद्ध उदाहरण हैं।
- 4संकल्प — अखंड ज्योति जलाने से पहले संकल्प लें कि कितने दिन (9 दिन, 21 दिन, 40 दिन) जलाएंगे।
- 5घी का दीपक — शुद्ध गाय के घी का दीपक सर्वोत्तम। सरसों तेल भी स्वीकार्य।
- 6बत्ती — सूती बत्ती उपयोग करें। बत्ती निरंतर ठीक करते रहें।
- 7स्थान — पूजा स्थल में स्थिर, सुरक्षित स्थान पर रखें।
- 8ज्योति बुझने न दें — यदि अखंड ज्योति का संकल्प लिया है तो बुझने न दें। बुझने पर पुनः संकल्प लेकर जलाएं।
- 9अग्नि सुरक्षा — सबसे महत्वपूर्ण। ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखें। रात में सोते समय विशेष ध्यान रखें।
- 10बच्चों/पालतू जानवरों से सुरक्षित स्थान पर।
- 11हवा से बचाव — ऐसे स्थान पर रखें जहां हवा का झोंका न आए।
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