पूजा घर में जल कलश कितने दिन तक रख सकते हैं
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नित्य पूजा का जल प्रतिदिन बदलें। गंगाजल तांबे के पात्र में लंबे समय तक रखा जा सकता है। विशेष अनुष्ठान का कलश पूजा अवधि तक ही रखें। वास्तु कलश सप्ताह में बदलें। बासी, रंग बदला या दुर्गंधयुक्त जल तुरंत बदलें।
- 1नित्य पूजा का कलश — प्रतिदिन पूजा में उपयोग होने वाले जल पात्र (लोटा/कलश) का जल प्रतिदिन बदलना चाहिए। बासी जल से पूजा उचित नहीं मानी जाती।
- 2गंगाजल कलश — गंगाजल पवित्र जल होने के कारण लंबे समय तक रखा जा सकता है। तांबे के पात्र में गंगाजल वर्षों तक शुद्ध रहता है — ऐसी परंपरागत मान्यता है। तांबे के जीवाणुरोधी गुण इसे वैज्ञानिक रूप से भी समर्थन देते हैं।
- 3स्थापित कलश (विशेष पूजा) — नवरात्रि, सत्यनारायण कथा या अन्य विशेष अनुष्ठान में स्थापित कलश पूजा की अवधि तक ही रखा जाता है। अनुष्ठान समाप्ति पर कलश का जल तुलसी के पौधे या पवित्र स्थान पर विसर्जित करें।
- 4वास्तु जल कलश — वास्तु शुद्धि हेतु ईशान कोण में रखा गया जल कलश सप्ताह में एक बार बदलना उचित है।
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