पूजा घर में शंख में पानी भरकर रखने का लाभ
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शंख जल पवित्र, कैल्शियम समृद्ध और रोगाणुनाशक माना जाता है। पूजा में अभिषेक, आचमन और छिड़काव में प्रयोग करें। दक्षिणावर्ती शंख विशेष शुभ। जल प्रतिदिन बदलें। शिव पूजा में शंख जल चढ़ाना कुछ परंपराओं में वर्जित है।
- 1पवित्र जल (शंख जल) — शंख में रखा जल पवित्र माना जाता है। इसे गंगाजल के समान शुद्ध माना जाता है। पूजा में इस जल का उपयोग अभिषेक और आचमन में होता है।
- 2वैज्ञानिक गुण — शंख कैल्शियम कार्बोनेट (CaCO₃) से बना होता है। इसमें रखा जल कैल्शियम से समृद्ध होता है। कुछ शोध बताते हैं कि शंख जल में रोगाणुनाशक गुण होते हैं, यद्यपि व्यापक वैज्ञानिक प्रमाण सीमित है।
- 3वातावरण शुद्धि — शंख में जल भरकर पूजा स्थल और घर में छिड़काव करने से वातावरण शुद्ध होता है।
- 4त्वचा रोग — आयुर्वेद में शंख जल को त्वचा रोग और एलर्जी में लाभकारी बताया गया है (शंख भस्म का प्रयोग चिकित्सा में होता है)।
- 5ध्वनि शुद्धि — शंख बजाने से वातावरण शुद्ध होता है। शंख की ध्वनि हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट करती है — ऐसा दावा किया जाता है, यद्यपि वैज्ञानिक प्रमाण सीमित है।
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