पूजा में वर्जित: बिना स्नान, मैले वस्त्र, जूते-चप्पल, बासी फूल, खंडित फूल, दक्षिण मुख, पूजा बीच में छोड़ना, देवता की पीठ की ओर बैठना। पूजा के समय बात न करें, मोबाइल दूर रखें। प्रत्येक देवता के वर्जित फूल अलग हैं — शिव को केतकी, गणेश को तुलसी वर्जित।
- 1बिना स्नान पूजा न करें — स्नान के बिना पूजा अशुद्ध मानी जाती है
- 2जूते-चप्पल पहनकर पूजा न करें
- 3अशुद्ध वस्त्रों में पूजा न करें — पहने हुए, मैले वस्त्र नहीं
- 4बालों को खुला छोड़कर न बैठें (महिलाओं के लिए) — बाल बाँधकर पूजा करें
- 5पूजा के बीच शौच न जाएं — यदि जाना पड़े तो पुनः स्नान या हाथ-पैर धोकर आचमन करें
- 6पूजा के समय बात न करें — मन एकाग्र रखें
- 7मोबाइल फोन पूजा में न लाएं — मन भटकता है
- 8झूठ और क्रोध से बचें — पूजा से पूर्व और पूजा काल में
- 9पूजा में जम्हाई (उबासी) लेने पर — तर्जनी दाँतों के बीच रखें
- 10छींक आने पर — 'श्री राम' कहें और पुनः आचमन करें
- 11बासी फूल और जल न चढ़ाएं — प्रतिदिन ताजा फूल और जल अर्पित करें
- 12खंडित (टूटे) फूल न चढ़ाएं
- 13सूंघे हुए फूल न चढ़ाएं
- 14वर्जित पुष्प न चढ़ाएं — प्रत्येक देवता के वर्जित पुष्प अलग:
- 15दक्षिण मुख करके न बैठें — पूजा में दक्षिण मुख पितृ कार्य के लिए है
- 16शयन कक्ष में पूजा न करें — अलग पूजा स्थान रखें
- 17भोजन स्थान पर पूजा न करें
- 18पूजा बीच में न छोड़ें — एक बार आरंभ किया तो पूर्ण करें
- 19दूसरे के देवता की पूजा सामग्री न छुएं
- 20एक हाथ से दीप न जलाएं — दोनों हाथों से या दाहिने हाथ से
- 21पूजा का प्रसाद जमीन पर न फेंकें
- 22देवता की पीठ की ओर मुख न करें