पूजा के बाद आरती क्यों करते हैं?
की चेकलिस्ट
आरती क्यों: भगवान का पूर्ण दर्शन (ज्योति प्रकाश में)। पाँच इंद्रियों का एकत्र समर्पण (देखना-सुनना-सूँघना-ताप-बजाना)। स्कंद पुराण: 'आरती जैसा पाप हरने वाला कुछ नहीं।' दक्षिणावर्त घुमाएं, माथे से लगाएं। पूजा का सर्वाधिक महत्वपूर्ण अंग।
- 1पंचदीप आरती = पाँच तत्वों का एकत्र अर्पण
- 2एकदीप = सूर्य का प्रतीक
- 3नेत्र — ज्योति देखना
- 4कान — आरती गीत सुनना
- 5नासिका — कपूर-धूप सूँघना
- 6त्वचा — ज्योति का ताप
- 7हाथ — घंटी बजाना
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
पूजा रहस्य
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।