पूजा के बाद प्रसाद कैसे ग्रहण करें?
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प्रसाद ग्रहण: दाएं हाथ से, बैठकर, सिर पर लगाएं फिर खाएं। भूमि पर न गिरने दें, अस्वीकार न करें। चरणामृत हथेली में लेकर पीएं। वितरण में सबको समान — कोई वंचित न हो।
- 1दाएं हाथ से ग्रहण करें — बाएं हाथ से प्रसाद लेना अशुभ
- 2खड़े होकर न लें — बैठकर ग्रहण करें (यदि संभव हो)
- 3सिर पर रखें — प्रसाद को पहले सिर पर लगाएं, फिर खाएं (विशेषतः श्री कृष्ण, विष्णु का)
- 4भूमि पर न गिरने दें — प्रसाद का अनादर नहीं
- 5अस्वीकार न करें — प्रसाद अस्वीकार करना भगवान का अपमान
- 6शुचि भाव से ग्रहण करें — विश्वास और श्रद्धा के साथ
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