पूजा के बाद प्रसाद क्यों बांटते हैं?
की चेकलिस्ट
प्रसाद क्यों बाँटें: गीता 3.13 — यज्ञशेष खाने वाले पापों से मुक्त। ईश्वर की कृपा का विस्तार। समता — राजा और रंक एक साथ। यज्ञशेष सिद्धांत: पहले देव, फिर प्रसाद। सामुदायिक एकता। प्रसाद देने वाले को भी पुण्य।
- 1ईश्वर की कृपा बाँटना: प्रसाद = भगवान की प्रसन्नता। इसे बाँटना = ईश्वर की कृपा का विस्तार।
- 2समता का भाव: प्रसाद सबको बाँटना — ऊँच-नीच का भेद मिटाता है। राजा और रंक एक ही थाल से प्रसाद।
- 3यज्ञशेष: भोजन से पहले देव को अर्पण — फिर प्रसाद ग्रहण। गीता: 'केवल अपने लिए पकाना पाप है।'
- 4सामुदायिक भावना: एक साथ प्रसाद ग्रहण — समाज को एकजुट रखता है।
- 5पुण्य का संचार: प्रसाद देने वाले को भी पुण्य मिलता है।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
पूजा रहस्य
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।