पूजा के दौरान ध्यान क्यों जरूरी है?
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ध्यान क्यों जरूरी: भागवत — 'बिना भक्ति-ध्यान के पूजा शव जैसी।' ध्यान पूजा का प्राण है — विधि नहीं, रिश्ता बनाता है। उपाय: पूजा से पहले 2 मिनट शांत बैठें, मंत्र बोलते समय अर्थ पर ध्यान दें, मूर्ति को ध्यान से देखें।
- 1संबंध: ध्यान के बिना पूजा — रस्म है, रिश्ता नहीं। ध्यान से पूजा — भगवान से सीधा संवाद।
- 2फल: भगवद् गीता: 'योगिनाम् अपि सर्वेषाम्...' — सब साधनाओं में भक्त जो ध्यानपूर्वक पूजा करता है, वह श्रेष्ठ।
- 3मन का परिष्कार: ध्यानपूर्वक पूजा से मन धीरे-धीरे देव के रंग में रंगता है।
- 4पूजा से पहले 2 मिनट शांत बैठें
- 5श्वास पर ध्यान दें
- 6मंत्र बोलते समय अर्थ पर ध्यान दें
- 7भगवान की मूर्ति को ध्यान से देखें
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