पूजा में भगवान की मूर्ति किस दिशा में रखें?
की चेकलिस्ट
मूर्ति की दिशा: पूर्वाभिमुख — सर्वश्रेष्ठ। मूर्ति पूर्व में हो तो पूजक पश्चिम में बैठे (पूर्व मुख)। ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में मंदिर — श्रेष्ठ वास्तु। दक्षिण-पश्चिम में मंदिर न बनाएं।
- 1पूर्वाभिमुख — सर्वश्रेष्ठ; सूर्य की दिशा
- 2पश्चिमाभिमुख — दूसरा विकल्प
- 3मूर्ति पूर्वाभिमुख हो तो पूजक पश्चिम में बैठे — पूर्व मुख
- 4मूर्ति पश्चिमाभिमुख हो तो पूजक पूर्व में — पश्चिम मुख
- 5ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में मंदिर — मूर्ति का मुख दक्षिण या पश्चिम
- 6नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम) में मंदिर न बनाएं
- 7सभी सामान्य देव — पूर्वाभिमुख
- 8गणेश — पूर्व या उत्तर
- 9शनि — पश्चिम
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
पूजा विधि
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।