प्रबोधिनी एकादशी पर विष्णु जागरण कैसे करें?
की चेकलिस्ट
प्रबोधिनी एकादशी: कार्तिक शुक्ल एकादशी। विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं। विधि: शंख-घण्टा से जगाएँ → 'उत्तिष्ठ गोविन्द...' मंत्र → षोडशोपचार → तुलसी विवाह → रात्रि जागरण → गन्ना-आँवला भोग। चातुर्मास समाप्ति, विवाह मुहूर्त आरम्भ।
- 1प्रातः स्नान-संकल्प: 'प्रबोधिन्यां व्रतं कृत्वा विष्णुं प्रबोधयामि।'
- 2विष्णु जागरण:
- 3षोडशोपचार पूजन: पंचामृत अभिषेक, नये वस्त्र, आभूषण, तुलसी, पुष्प। विशेष भोग — खीर, मिठाई, फल।
- 4तुलसी विवाह: इसी दिन या द्वादशी को तुलसी-शालिग्राम विवाह।
- 5रात्रि जागरण: इस रात जागरण अत्यंत पुण्यदायी। भजन-कीर्तन, विष्णु कथा।
- 6दान: गन्ना, आँवला, फल, वस्त्र, अन्नदान।
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