पूजा का प्रसाद कुत्ते बिल्ली को दे सकते हैं या नहीं?
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हाँ, दे सकते हैं — सभी प्राणी ईश्वर का अंश हैं। गाय को देना सर्वमान्य शुभ है, कुत्ता भैरव का वाहन है। विशेष नैवेद्य पहले मनुष्यों को दें, बचा प्रसाद जानवरों को दे सकते हैं। इस विषय पर मत भिन्नता है।
- 1शास्त्रों में सभी प्राणियों को ईश्वर का अंश माना गया है। प्रसाद को जीवमात्र को देना दया और करुणा का भाव है।
- 2कई संत परंपराओं में गाय, कुत्ते, पक्षी आदि को प्रसाद देना पुण्यदायक माना जाता है।
- 3विशेषतः कुत्ते को भैरव का वाहन माना जाता है — काल भैरव पूजा में कुत्ते को भोजन/प्रसाद देना शुभ है।
- 4गाय को प्रसाद देना सर्वमान्य शुभ कर्म है।
- 5कुछ धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान को अर्पित प्रसाद अत्यंत पवित्र होता है और इसे सीधे जानवरों को देने की बजाय पहले मनुष्यों में वितरित करना चाहिए।
- 6प्रसाद बचे और कोई मनुष्य न हो तब जानवरों को दिया जा सकता है।
- 7कुछ लोग मानते हैं कि चढ़ा हुआ प्रसाद (नैवेद्य जो भगवान को अर्पित हो चुका) सीधे जानवरों को देना उचित नहीं।
- 8गाय को प्रसाद देना सर्वमान्य शुभ है।
- 9कुत्ते को सामान्य भोजन (रोटी आदि) देना पुण्य है, लेकिन भगवान को अर्पित विशेष नैवेद्य (पंचामृत, चरणामृत आदि) पहले मनुष्यों को दें।
- 10अन्न नष्ट न करें — बचे प्रसाद को गाय, कुत्ते, पक्षी आदि को दे सकते हैं।
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