प्रेत योनि क्या है?
की चेकलिस्ट
प्रेत योनि = मृत्यु के बाद आत्मा स्थूल शरीर त्यागकर सूक्ष्म शरीर धारण कर जिस अवस्था में जाती है। सपिण्डीकरण संस्कार से पहले आत्मा प्रेत रूप में भटकती है। गरुड़ पुराण के प्रेत कल्प में विस्तृत वर्णन।
- 1मृत्यु के समय जीवात्मा स्थूल शरीर (भौतिक देह) को त्याग देती है।
- 2स्थूल शरीर त्यागने के बाद जीवात्मा 'सूक्ष्म शरीर' धारण करती है।
- 3यह सूक्ष्म शरीर इंद्रियों से अदृश्य होता है।
- 4सूक्ष्म शरीर के साथ जीवात्मा प्रेत योनि में प्रवेश करती है।
- 5यह वह अवस्था है जब आत्मा भटकती रहती है।
- 6सपिण्डीकरण संस्कार संपन्न होने के बाद ही आत्मा प्रेत कोटि से पितृ कोटि में सम्मिलित होती है।
- 7सपिण्डीकरण के बाद ही जीवात्मा पितृलोक की यात्रा आरंभ करती है।
- 8तभी उसे श्राद्ध का अधिकार प्राप्त होता है।
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