रामेश्वरम में शिवलिंग की स्थापना का पौराणिक महत्व क्या है?
की चेकलिस्ट
श्रीराम ने रावण वध (ब्रह्महत्या) प्रायश्चित हेतु शिवलिंग स्थापित किया (रामायण)। दो शिवलिंग: रामलिंगम् (सीता द्वारा बालू से) + विश्वलिंगम् (हनुमान कैलाश से)। शिव-राम एकता = शैव-वैष्णव एकता। चार धाम (दक्षिण)। 22 कुंडों में स्नान विशेष।
- 1शिव-राम एकता: विष्णु अवतार (राम) द्वारा शिव पूजा — शैव-वैष्णव एकता का सर्वोत्तम प्रतीक।
- 2ब्रह्महत्या प्रायश्चित: युद्ध के पश्चात शांति और प्रायश्चित का संदेश।
- 3चार धाम में: रामेश्वरम दक्षिण दिशा का धाम — उत्तर (बद्रीनाथ), पूर्व (जगन्नाथ), पश्चिम (द्वारका)।
- 422 कुंडों (तीर्थ) में स्नान — प्रत्येक कुंड का अलग महत्व।
- 5पहले विश्वलिंगम् पूजा, फिर रामलिंगम्।
- 6समुद्र जल से अभिषेक।
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श्रेणी
शिव मंदिर
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