रत्न और मंत्र में कौन ज्यादा प्रभावी ग्रह शांति में?
की चेकलिस्ट
मंत्र > रत्न। मंत्र=आंतरिक, निःशुल्क, शुद्ध भक्ति, कोई हानि नहीं। रत्न=बाहरी, महँगा, गलत=हानि। सर्वोत्तम=मंत्र+दान+सेवा+कर्म। रत्न न खरीद सकें=मंत्र अकेला पर्याप्त।
- 1मंत्र = आंतरिक शक्ति जागरण — स्वयं की ऊर्जा + ईश्वर कृपा।
- 2मंत्र = निःशुल्क — कोई भी, कभी भी, कहीं भी।
- 3मंत्र = शुद्ध भक्ति — गीता: भक्ति सर्वोपरि।
- 4मंत्र = शरीर+मन+आत्मा तीनों पर प्रभाव।
- 5रत्न = बाहरी वस्तु — शरीर पर ग्रह ऊर्जा प्रवाहित।
- 6रत्न = महँगा — हर कोई नहीं पहन सकता।
- 7गलत रत्न = हानि — मंत्र में यह खतरा नगण्य।
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