सावन में रुद्राभिषेक करवाने का क्या विशेष महत्व है?
की चेकलिस्ट
सावन + रुद्राभिषेक = सर्वोत्तम। 'श्रावणे पूजयेत शिवम्' + यजुर्वेद मंत्र + 11 द्रव्य। सोमवार पर त्रिगुणित। सर्वपाप नाश, ग्रह शांति, धन, मोक्ष। स्तर: रुद्री→लघुरुद्र→महारुद्र→अतिरुद्र।
- 1श्रावणे पूजयेत शिवम्: सावन = शिव का सबसे प्रिय मास। इस मास में की गई कोई भी शिव पूजा विशेष फलदायी — रुद्राभिषेक तो सर्वोत्तम।
- 2रुद्राभिषेक = वैदिक मंत्रों से अभिषेक: यजुर्वेद रुद्राष्टाध्यायी के मंत्रों के उच्चारण के साथ 11 द्रव्यों से शिवलिंग का अभिषेक — सबसे शक्तिशाली शिव पूजा।
- 3सावन सोमवार पर: रुद्राभिषेक + सोमवार + सावन = त्रिगुणित फल।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
शिव पूजा विधि
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।