शालिग्राम की सेवा रोज करनी जरूरी है या नहीं
की चेकलिस्ट
शालिग्राम की नित्य सेवा अनिवार्य है — यह साक्षात् विष्णु का स्वरूप है। प्रतिदिन स्नान, तुलसी दल, भोग और दीपक आवश्यक। उपेक्षा दोषपूर्ण है। नित्य सेवा संभव न हो तो मंदिर/योग्य परिवार को सौंपें।
- 1प्रातः स्नान — शालिग्राम को प्रतिदिन पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, शक्कर) या कम से कम शुद्ध जल से स्नान कराएं।
- 2तुलसी दल — तुलसी पत्र अवश्य चढ़ाएं। बिना तुलसी शालिग्राम पूजा अधूरी मानी जाती है।
- 3चंदन — चंदन तिलक लगाएं।
- 4भोग — नित्य भोग (फल, मिठाई या तुलसी जल) अर्पित करें।
- 5दीपक — घी का दीपक जलाएं।
- 6गंभीर स्थिति — यदि किसी कारण (बीमारी, यात्रा) नित्य सेवा संभव न हो तो:
- 7दीर्घकालिक असमर्थता — यदि लंबे समय तक सेवा संभव न हो तो शालिग्राम को किसी मंदिर या योग्य ब्राह्मण परिवार को सौंपना उचित है। उपेक्षित शालिग्राम रखना दोषपूर्ण माना जाता है।
- 8गरुड़ पुराण में कहा गया है कि शालिग्राम की उपेक्षा से पाप लगता है।
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