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चेकलिस्ट

शिव भक्त को विभूति कैसे लगानी चाहिए और कब?

की चेकलिस्ट

तीन अंगुलियों से ललाट पर बाएं→दाहिने तीन क्षैतिज रेखाएं = त्रिपुंड। कब: स्नान बाद/पूजा पूर्व/सोमवार/शिवरात्रि। स्रोत: यज्ञ भस्म सर्वोत्तम, मंदिर प्रसाद शुभ। लाभ: पाप नाश, रक्षा, शिव कृपा।

  1. 1दाहिने हाथ की तीन अंगुलियों (मध्यमा, अनामिका, तर्जनी) से भस्म लें।
  2. 2ललाट पर बाएं से दाहिने तीन समानांतर क्षैतिज रेखाएं खींचें = त्रिपुंड।
  3. 3त्रिपुंड = त्रिदेव (ब्रह्मा-विष्णु-महेश) / तीन गुण (सत्व-रज-तम) / तीन लोक (स्वर्ग-पृथ्वी-पाताल)।
  4. 4कुछ परंपराओं में 16 स्थानों पर त्रिपुंड: ललाट, छाती, दोनों भुजाएं, कंठ, पेट, पीठ आदि।
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