शिव जी का महामृत्युंजय मंत्र क्या है?
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महामृत्युंजय मंत्र है — 'ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥' यह ऋग्वेद (7.59.12) का मंत्र है। अर्थ — तीन नेत्रों वाले शिव हमें मृत्यु के बंधन से मुक्त करें।
- 1त्र्यम्बकम् = तीन नेत्रों वाले (शिव)
- 2यजामहे = हम पूजते हैं
- 3सुगन्धिम् = सुगंधित (सद्गुणों से युक्त)
- 4पुष्टिवर्धनम् = पोषण बढ़ाने वाले
- 5उर्वारुकमिव = जैसे ककड़ी (अपने डंठल से)
- 6बन्धनात् = बंधन से
- 7मृत्योः = मृत्यु से
- 8मुक्षीय = मुक्त करें
- 9माऽमृतात् = अमरत्व से नहीं (अर्थात् अमृत की प्राप्ति हो)
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