शिव जी का नटराज रूप क्या है?
की चेकलिस्ट
नटराज शिव का नृत्य स्वरूप है। डमरू (सृष्टि), अग्नि (संहार), अभय मुद्रा (रक्षा), माया को पाँव से दबाना और उठा पाँव (मोक्ष) — ये पाँच ब्रह्मांडीय क्रियाओं के प्रतीक हैं। CERN में भी नटराज की प्रतिमा है।
- 1ऊपरी दाहिना हाथ: डमरू — सृष्टि का नाद, ब्रह्मांड की ध्वनि
- 2ऊपरी बायाँ हाथ: अग्नि — संहार, विनाश
- 3नीचे दाहिना हाथ: अभय मुद्रा — 'डरो मत, मैं रक्षक हूँ'
- 4नीचे बायाँ हाथ: गजहस्त मुद्रा — उठे हुए पाँव की ओर संकेत (मुक्ति का मार्ग)
- 5दाहिना पाँव: मुयलगन (अहंकार, माया) को दबाए हुए
- 6बायाँ पाँव: ऊपर उठा हुआ — मोक्ष/मुक्ति
- 7प्रभामंडल: अग्नि का वृत्त — ब्रह्मांड चक्र
- 8सृष्टि (डमरू से)
- 9स्थिति (अभय मुद्रा)
- 10संहार (अग्नि से)
- 11तिरोधान (माया का आवरण)
- 12अनुग्रह (उठा पाँव — मोक्ष)
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श्रेणी
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