शिव जी की आरती कैसे करें?
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शिव जी की आरती पंचमुखी दीप या घी के दीप से, 'ओम जय शिव ओंकारा' के गायन के साथ, दक्षिणावर्त 7 बार घुमाते हुए करें। शंख-घंटा बजाएं और अंत में दीप की लौ आँखों से लगाएं।
- 1समय: पूजा के अंत में; सायंकाल आरती का विशेष महत्व है
- 2आरती पात्र: तांबे या पीतल की थाली में 5 बत्तियों का दीप (पंचमुखी दीप) या एकमुखी घी का दीप
- 3आरती करने की विधि:
- 4आरती गान:
- 5शंख और घंटा: आरती के समय शंख बजाएं और घंटे की ध्वनि करें — इससे नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है।
- 6आरती के बाद:
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