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शिव के गण भृंगी और नंदी की पूजा कैसे करें?

की चेकलिस्ट

नंदी: शिवलिंग से पहले दर्शन, जल-अक्षत-चंदन, 'ॐ नंदीश्वराय नमः', कान में मनोकामना। भृंगी: शिव अनन्य भक्त — केवल शिव पूजा → पार्वती शाप → अस्थिपंजर → शिव ने तीसरा पैर दिया। 'ॐ भृंगिरीट्याय नमः'। शिक्षा: शिव-शक्ति अभिन्न — एकतरफा पूजा अधूरी।

  1. 1शिव मंदिर में सबसे पहले नंदी के दर्शन करें।
  2. 2नंदी को स्पर्श कर प्रणाम करें।
  3. 3जल, अक्षत, फूल, चंदन अर्पित करें।
  4. 4नंदी की पीठ और सींगों पर चंदन/हल्दी लगाएं।
  5. 5'ॐ नंदीश्वराय नमः' मंत्र जपें।
  6. 6नंदी के कान में मनोकामना कहें (पहले 'ॐ' बोलें)।
  7. 7शिव पूजा से पहले नंदी पूजा — शिव पूजा के बाद भी नंदी को प्रणाम।
  8. 8भृंगी की अलग से पूजा बहुत प्रचलित नहीं — मुख्यतः शिव परिवार पूजा में इनका सम्मान।
  9. 9शिव मंदिरों में भृंगी की प्रतिमा (त्रिपाद) यदि हो तो प्रणाम करें।
  10. 10'ॐ भृंगिरीट्याय नमः' मंत्र।
  11. 11शिव के गणों (नंदी, भृंगी, वीरभद्र आदि) की सामूहिक पूजा — शिव पंचायतन पूजा में।
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