शिव के साथ पार्वती की पूजा करने का विधान क्या है?
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शिवलिंग = शिव+पार्वती (जलाधारी = पार्वती)। पहले गणेश → शिव (बेलपत्र) → पार्वती (सिंदूर, श्रृंगार)। शिवलिंग पर सिंदूर वर्जित — पार्वती प्रतिमा पर। दाम्पत्य सुख, मनचाहा वर, कलह निवारण।
- 1शिवलिंग = शिव + शक्ति दोनों (जलाधारी = पार्वती)।
- 2यदि अलग प्रतिमा हो: शिव बाईं ओर, पार्वती दाहिनी ओर।
- 3पहले गणेश पूजा → फिर शिव (जलाभिषेक, बेलपत्र, धतूरा) → फिर पार्वती (सिंदूर, श्रृंगार सामग्री, लाल फूल, चूड़ी)।
- 4'ॐ नमः शिवाय' + 'ॐ गौर्यै नमः' दोनों जप।
- 5आरती दोनों की एक साथ।
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शिव पूजा विधि
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