शिव मंदिर में प्रवेश करने के नियम क्या हैं?
की चेकलिस्ट
स्नान/शुद्ध वस्त्र, जूते बाहर। पहले नंदी दर्शन, बीच से न गुजरें। अर्ध प्रदक्षिणा (पूर्ण नहीं — जलाधारी लांघना वर्जित)। निर्माल्य ग्रहण वर्जित। सिंदूर/हल्दी/तुलसी/शंख = शिव पर वर्जित। दहलीज पर पैर न रखें।
- 1स्नान करके जाएं (या कम से कम हाथ-मुंह धोकर)।
- 2स्वच्छ वस्त्र पहनें।
- 3जूते-चप्पल मंदिर के बाहर उतारें।
- 4शांत, भक्तिभाव से प्रवेश करें।
- 5क्रोध, ईर्ष्या, अहंकार से मुक्त मन।
- 6मोबाइल फोन साइलेंट या बंद रखें।
- 7मंदिर द्वार पर प्रणाम करें (दहलीज पर पैर न रखें)।
- 8पहले नंदी के दर्शन करें — नंदी और शिवलिंग के बीच से न गुजरें।
- 9शिवलिंग के सामने खड़े होकर दर्शन करें।
- 10शिव मंदिर में पूर्ण प्रदक्षिणा (गोल) नहीं करते — अर्ध प्रदक्षिणा।
- 11जलाधारी (जलनिकास नाली) को लांघना वर्जित — उसी से लौटें।
- 12शिवलिंग को स्पर्श करने से पूर्व हाथ शुद्ध करें।
- 13शिवलिंग पर चढ़ा निर्माल्य (प्रसाद) ग्रहण न करें (अपवाद: कुछ विशेष मंदिर)।
- 14शिवलिंग पर सिंदूर, हल्दी, कुमकुम न चढ़ाएं।
- 15तुलसी शिवलिंग पर न चढ़ाएं।
- 16शंख न बजाएं (शिव मंदिर में शंख वर्जित)।
- 17कुछ मंदिरों में मासिक धर्म के दौरान प्रवेश वर्जित (परंपरा अनुसार)।
- 18महाकालेश्वर भस्म आरती में साड़ी अनिवार्य, घूंघट नियम।
- 19शोर न करें।
- 20बच्चों को संभालें।
- 21मंदिर में भोजन न करें।
- 22फोटो/वीडियो गर्भगृह में न लें (अधिकतर मंदिरों में)।
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शिव पूजा नियम
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