शिव मंदिर से प्रसाद लेकर घर लाने के क्या नियम हैं?
की चेकलिस्ट
दाहिने हाथ/दोनों हाथ से ग्रहण। स्वच्छ पात्र/कपड़े में ढंककर लाएं। भूमि/अपवित्र स्थान पर न रखें। घर में पूजा स्थान पर रखें। सबमें श्रद्धापूर्वक बांटें। फेंकना वर्जित — अधिक हो तो गाय आदि को दें। भस्म प्रसाद: त्रिपुण्ड्र लगाएं, डिब्बी में रखें। जूठे हाथ से न छुएं।
- 1प्रसाद सदा दाहिने हाथ से या दोनों हाथों से ग्रहण करें।
- 2प्रसाद को नमन करके ही ग्रहण करें — यह भगवान का अनुग्रह है।
- 3प्रसाद भूमि पर न रखें — साफ कपड़े, पत्ते या पात्र में रखें।
- 4प्रसाद को स्वच्छ कपड़े या पात्र में लपेटकर/रखकर लाएं।
- 5प्रसाद को रास्ते में खुला न रखें — ढंककर लाएं।
- 6अपवित्र स्थान (शौचालय, अशुद्ध कमरा) में प्रसाद न ले जाएं।
- 7प्रसाद को जूतों-चप्पलों के पास न रखें।
- 8घर पहुंचकर प्रसाद को देव स्थान (पूजा घर) में रखें।
- 9परिवार के सभी सदस्यों में श्रद्धापूर्वक बांटें।
- 10प्रसाद का अनादर न करें — फेंकना सर्वथा वर्जित।
- 11यदि प्रसाद अधिक हो तो पशु-पक्षियों को दे सकते हैं (गाय, कुत्ते आदि)।
- 12जूठे हाथ से प्रसाद न छुएं।
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