विस्तृत उत्तर
शिव मंदिर से प्रसाद लेकर घर लाने के शास्त्रीय और परंपरागत नियम:
प्रसाद ग्रहण के नियम
- 1प्रसाद सदा दाहिने हाथ से या दोनों हाथों से ग्रहण करें।
- 2प्रसाद को नमन करके ही ग्रहण करें — यह भगवान का अनुग्रह है।
- 3प्रसाद भूमि पर न रखें — साफ कपड़े, पत्ते या पात्र में रखें।
घर लाने के नियम
- 1प्रसाद को स्वच्छ कपड़े या पात्र में लपेटकर/रखकर लाएं।
- 2प्रसाद को रास्ते में खुला न रखें — ढंककर लाएं।
- 3अपवित्र स्थान (शौचालय, अशुद्ध कमरा) में प्रसाद न ले जाएं।
- 4प्रसाद को जूतों-चप्पलों के पास न रखें।
- 5घर पहुंचकर प्रसाद को देव स्थान (पूजा घर) में रखें।
वितरण के नियम
- 1परिवार के सभी सदस्यों में श्रद्धापूर्वक बांटें।
- 2प्रसाद का अनादर न करें — फेंकना सर्वथा वर्जित।
- 3यदि प्रसाद अधिक हो तो पशु-पक्षियों को दे सकते हैं (गाय, कुत्ते आदि)।
- 4जूठे हाथ से प्रसाद न छुएं।
विशेष भस्म/विभूति प्रसाद
- ▸शिव मंदिर से मिली भस्म (विभूति) को ललाट पर त्रिपुण्ड्र लगाकर लगाएं।
- ▸शेष भस्म को स्वच्छ डिब्बी में पूजा स्थान पर रखें।
- ▸भस्म को सोने से पहले और स्नान के बाद लगाना शुभ।
बिल्वपत्र/पुष्प प्रसाद
- ▸शिवलिंग पर चढ़ा बिल्वपत्र या पुष्प उठाकर घर नहीं लाना चाहिए (कुछ परंपराओं में)।
- ▸पुजारी द्वारा दिया गया प्रसाद ग्रहण करना शुभ।





