शिव पंचाक्षरी मंत्र की सिद्धि कैसे करें?
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गुरु दीक्षा लेकर ब्रह्ममुहूर्त में रुद्राक्ष माला से 'ॐ नमः शिवाय' का सवा लाख जप (पुरश्चरण) करें। ब्रह्मचर्य, सात्विक आहार और दशांश हवन के साथ यह साधना पूर्ण होती है।
- 1किसी योग्य गुरु से मंत्र दीक्षा लें — बिना दीक्षा के मंत्र सिद्धि कठिन है।
- 2सावन मास, शिवरात्रि, या सोमवार से अनुष्ठान प्रारंभ करें।
- 3ब्रह्मचर्य पालन करें और सात्विक आहार लें।
- 4समय: ब्रह्ममुहूर्त (4-6 बजे प्रातःकाल) या प्रदोष काल (सूर्यास्त के बाद)
- 5आसन: रुद्राक्ष माला से जप करें; कुश या ऊन के आसन पर बैठें
- 6मुद्रा: ज्ञान मुद्रा या अंजलि मुद्रा में बैठें
- 7दिशा: उत्तर या पूर्व दिशा की ओर मुख करें
- 8माला: 108 दाने की रुद्राक्ष माला सर्वश्रेष्ठ है
- 9उच्चारण: मन में या धीमी आवाज में जप करें
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