शिव पुराण का पाठ कब और कैसे करना चाहिए?
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श्रावण सर्वोत्तम, शिवरात्रि/सोमवार/प्रदोष शुभ। 7 संहिताएं। शुद्ध होकर, शिव समक्ष, दीपक जलाकर। सप्ताह पारायण (7 दिन)। ब्रह्मचर्य, सात्विक आहार। गीता प्रेस संस्करण सर्वमान्य। फल: सर्व पाप नाश + मोक्ष।
- 1स्नान कर शुद्ध वस्त्र पहनें।
- 2शिवलिंग/शिव चित्र के समक्ष बैठें।
- 3दीपक जलाएं।
- 4'ॐ नमः शिवाय' 3 बार जपकर आरंभ।
- 5श्रद्धापूर्वक पाठ करें — यदि संस्कृत न आए तो हिंदी अनुवाद पढ़ें।
- 6प्रतिदिन एक निश्चित भाग पढ़ें — 7 दिन में सम्पूर्ण (सप्ताह पारायण) या अधिक दिनों में।
- 7पाठ समापन पर शिव को प्रणाम।
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