शिवलिंग पर जनेऊ चढ़ाने का क्या अर्थ होता है?
की चेकलिस्ट
जनेऊ चढ़ाना = शिव को वैदिक संस्कार से सम्मानित करना। तीन धागे = त्रिगुण (सत्त्व-रज-तम) / त्रिदेव / ब्रह्मसूत्र। बाएं कंधे से दाहिनी ओर चढ़ाएं। सफेद, नया जनेऊ ही अर्पित करें। विद्या प्राप्ति, संस्कार रक्षा, पितृ दोष निवारण।
- 1शिवलिंग पर जनेऊ उसी प्रकार चढ़ाएं जैसे शरीर पर धारण करते हैं — बाएं कंधे से दाहिनी ओर।
- 2पहले जलाभिषेक और चंदन तिलक लगाने के बाद जनेऊ अर्पित करें।
- 3'ॐ नमः शिवाय' मंत्र जपें।
- 4सफेद, शुद्ध कपास का नया जनेऊ ही अर्पित करें — पुराना या प्रयुक्त नहीं।
- 5विद्या और ज्ञान प्राप्ति।
- 6संस्कारों की रक्षा।
- 7पूजा की पूर्णता — शिवलिंग पर जनेऊ और कलावा (मौली) दोनों अर्पित करने का विधान है।
- 8पितृ दोष निवारण में सहायक।
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शिव पूजा विधि
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